

दौसा। (दीपक शर्मा बामनवास) शहर की नई मंडी रोड स्थित दुर्गा मंदिर के पीछे वाली कॉलोनी में बने एक फर्नीचर के गोदाम में बुधवार शाम भीषण आग लग गई। आग इतनी भयंकर थी कि उक्त गोदाम से सटे दुर्गा मंदिर में बने परिक्रमा परिसर को भी अपनी आग की चपेट में ले लिया। मंदिर की परिक्रमा परिसर में आग की लपटें उठती देख अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलने पर कोतवाली इंचार्ज भगवान सहाय शर्मा,सदर थाना इंचार्ज मुकेश सैपाट और अग्निशमन विभाग मौके पर पहुँचे। दमकल की दो गाड़ियाँ आग बुझाने में जुटीं, वहीं स्थानीय लोगों,दुर्गा मंदिर सेवा समिति ने भी टैंकरों से पानी मंगाकर आग पर काबू पाने का प्रयास किया। इसके बाद करीब दो,तीन घंटे की कड़ी मशक्कत से आग पर काबू पाया जा सका। स्थानीय लोगों द्वारा बताया गया कि शाम करीब 6 बजे गोदाम में आग की धुएं दिख रही थी गोदाम में बड़ी मात्रा में लकड़ी के फर्नीचर और फोम रखा होने के कारण आग ने तेजी से विकराल रूप धारण कर लिया। गोदाम मंदिर से सटा होने के चलते दुर्गा मंदिर परिसर पर भी आंच आई।
इसके चलतेआगजनी क्षेत्र में भारी भीड़ जमा हो गई। स्थिति को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने भारी पुलिस बल की व्यवस्था कर रखी थी। हालांकि लोगों ने रोष जताया कि दमकल देर से पहुंची,काफ़ी समय पाइप लाइन को चालू करने में समय लगा दिया। इसी के साथ मंडी रोड निवासियों ने विरोध किया कि ये पूरा क्षेत्र रियायशी कॉलोनियों,व्यापारिक दृष्टि से काफ़ी भीड़ भाड़ वाला इलाका माना जाता है जहां सैकड़ों दुकानों सहित लकड़ी, इलेक्ट्रॉनिक, इलेक्ट्रिक,प्लास्टिक,कपड़े सहित तेल,घी,चीनी की होलसेल के गोदाम है जिनमें आपातकालीन स्थिति में निपटने के लिए कोई माकूल व्यवस्था नहीं है जो कि किसी भी अनहोनी होने पर बचा जा सके चीनी, कपड़ा, तेल,प्लास्टिक,लकड़ी,घी ये सभी ज्वलंतशील पदार्थ अगर आग पकड़ ले तो बड़ा हादसा हो सकता है। सबसे बड़ी बात ये है कि लोगों ने भीड़ भाड़ वाली कॉलोनियों के बीच लकड़ी के गोदाम बना रखे है जो सबसे ज्यादा खतरनाक साबित हो सकते है,प्रशासन को पूर्व में अवगत भी करवाया जा चुका है लेकिन प्रशासन का इस ओर कोई ध्यान नहीं है। इसके लिए दुर्गा मंदिर सेवा समिति अध्यक्ष कर्णवीर चड्ढा के नेतृत्व में जिला उपभोक्ता मंच के पूर्व सदस्य एड. सिकंदर पंजाबी सुरेश राज होटल, दिलीप साहनी,राम साहनी,संजय सब्बरवाल ने कोतवाली इंचार्ज भगवान सहाय शर्मा को ज्ञापन सौंपा एवं कलेक्टर को भी ज्ञापन दिया जाएगा। साथ ही स्थानीय लोगों ने पुलिस प्रशासन, अग्निशमन, सिविल डिफेंस की कार्य व्यवस्था को भी सराहा। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हेमंत कलाल, कोतवाली इंचार्ज, सदर थाना इंचार्ज देर रात तक आग बुझाने के प्रयास तक डटे रहे रहे। इस पूरे प्रकरण में सभी का सहयोग रहा लेकिन दौसा सदर थाना इंचार्ज मुकेश सेपट लोगों के बीच मुख्य रूप से चर्चित रहे जो कि खुद अग्नि शमन वाटरकेन पाइप को हाथों में लेकर आग बुझाने के हर भरकस प्रयास में काफ़ी दौड़ भाग कर रहे थे।